
उठै कुटै चुरमा घुट रही दाल बालाजी के मन्दिर मै।
सुसर कहवै हे भोड़िया जाओ मन्दिर मै।
सास कहवै रै या तो नाचैगी बालाजी के मन्दिर मै।
उठै कुटै…।
जेठ कहवै हे भोड़िया जावो मन्दिर मै।
जिठानी कहवै रै या तो नाचैगी बालाजी के मन्दिर मै।
उठै कुटै…।
देवर कहवै हे भाभी जाओ मन्दिर मै।
दौरानी कहवै रै या तो नाचैगी बालाजी के मन्दिर मै।
उठै कुटै…।
राजा जी कहवै रै गौरी जाओ मन्दिर मै।
पड़ोसन कहवै रै या तो नाचैगी बालाजी के मन्दिर मै।
उठै कुटै…।
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