
जपते चलो जपते चलो सियाराम जी की माला जपते चलो।
ये माला अहिल्या ने फेरी।
पत्थर से नारी बनाई हरी का नाम जपते चलो।
जपते चलो…।
ये माला सबरी ने फेरी।
ज्योत ज्योत से मिलाई हरी का नाम जपते चलो।
जपते चलो…।
ये माला केवट ने फेरी।
राम जी की नैया पार लगाई।
राम जी से प्रीत लगाई हरी का नाम जपते चलो।
जपते चलो…।
ये माला द्रोपद ने फेरी।
साड़ी का चीर बढाया हरी का नाम जपते चलो।
जपते चलो…।
ये माला विभिषण ने फेरी।
लंका मे कुटिया बचाई हरी का नाम जपते चलो।
जपते चलो…।
ये माला हनुमत फेरी।
राम जी प्रीत लगाई हरी का जपते चलो।
जपते चलो…।
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