
राम राम राम राम होरी सतसंग मै।
ऐसी वैसी बात ना आवै मेरे मन मै।
ब्रह्मा जी का मन्दिर हो ब्राह्माणी भी अन्दर हो।
नारद उनके साथ होवै ऐसी आवै मन मे।
राम राम…।ऐसी वैसी…।
भोले जी का मन्दिर हो गौरा मैया अन्दर हो।
गोदी मै गणेश होवे ऐसी आवै मन मै।
राम राम…।ऐसी वैसी…।
कान्हा जी का मन्दिर हो राधा रानी अन्दर हो।
रुकमणी भी साथ होवे ऐसी आवै मन मै।
राम राम…।ऐसी वैसी…।
राम जी का मन्दिर हो सीता माता अन्दर हो।
लक्ष्मण भी साथ होवे ऐसी आवै मन मै।
राम राम…।ऐसी वैसी…।
हनुमान का मन्दिर हो अंजना माता अन्दर हो।
गदा उनके हाथ होवे ऐसी आवै मन मै।
राम राम…।ऐसी वैसी…।
सतगुरु जी का मन्दिर हो गुरु जी भी अन्दर हो।
संगत उनके साथ होवे ऐसी आवै मन मै।
राम राम…।ऐसी वैसी…।
गंगा जी घाट हो गायत्री का जाप हो।
त्रिवेणी का ध्यान होवे ऐसी आवै मन मै।
राम राम…।ऐसी वैसी…।
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