
भजन के बारे में
कृष्ण को घर बुलाने का भजन — ‘मेरे घर आना सांवरिया, तोहे जाने न दूँगी’। भक्त कहती है कि घर आओगे तो माखन-मिश्री खिलाऊँगी, दिल में बिठाऊँगी और होली खिलाऊँगी।
कब गाया जाता है: जन्माष्टमी, फाग/होली और कृष्ण कीर्तन में।
मुखड़ा (Hinglish): Mere ghar aana Saawariya, tohe jaane na doongi.
भजन के बोल
मेरे घर आना साँवरिया, तोहे जाने न दूँगी ll
जाने ना दूँगी, तोहे जाने न दूँगी,
मेरे घर आना साँवरिय…।
मेरे घर आओगे तो, माखन खिलाऊँगी,
माखन खिलाऊँगी मैं, मिश्री खिलाऊँगी,
बजाने को दूँगी मुरलिया,तोहे जाने ना दूँगी,
मेरे घर आना साँवरिया…।
मेरे घर आओगे तो, दिल में बिठाऊँगी,
दिल में बिठाऊँगी मैं. नज़रों में बसाऊँगी,
बंद कर लूँगी मैं नज़रिया, तोहे जाने ना दूँगी,
मेरे घर आना साँवरिया…।
मेरे घर आओगे तो, होली ख़िलाऊँगी,
होली खिलाऊँगी, गुलाल लगाऊँगी ,
रंग डालूँगी साँवरिया तोहे जाने ना दूँगी,
मेरे घर आना साँवरिया…।
मेरे घर आओगे तो, राधा को बुलाऊँगी ,
राधा को बुलाऊँगी मैं, सखियों को बुलाऊँगी,
ओ रास रचाना साँवरिया, तोहे जाने ना दूँगी,
मेरे घर आना साँवरिया…।
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