भजन के बारे में

मज़ेदार शिव-गौरा भजन — भोले बाबा ने भांग बोई और गौरा रानी ने अनार व गुलाब की कलियाँ; भजन में बोने, सींचने, फूलने और फलने तक दोनों की बगिया की होड़ है और चारों दिशाओं में ‘बम’ की गूंज है।

कब गाया जाता है: सावन, महाशिवरात्रि और महिला कीर्तन में।

मुखड़ा (Hinglish): Bam baaj rahi Bhole ki, chaaron disha bam baaj rahi.

भजन के बोल

बम बाज रही भोले की चारों दिशा बम बाज रही।

मेरे भोले ने बो दई भंगिया।

गौरा रानी ने बो दई अनार कलियाँ रे

 गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज…।

मेरे भोले की जम गई भंगिया।

गौरा रानी की जम गई अनार कलियाँ रे

गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज…।

मेरे भोले ने सीची रे भंगिया।

गौरा रानी ने सीची अनारकलियाँ रे

गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज…।

मेरे भोले की फुली रे भंगिया।

गौरा रानी की फुली अनारकलियाँ रे

गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज …।

मेरे भोले की फलन लगी भंगिया।

गौरा रानी की फल गई अनारकलियाँ रे

गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज …।

मेरे भोले ने तोड़ी भंगिया।

गौरा रानी ने तोड़ी अनारकलियाँ रे 

गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज …।

मेरे भोले ने घोटी है भंगिया।

गौरा रानी ने घोटी अनारकलियाँ रे

गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज…।

मेरे भोले ने पी लई भंगिया।

गौरा रानी पी लई अनारकलियाँ रे 

गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज…।

मेरे भोले को चढ गई भंगिया।

गौरा रानी को चढ गई अनारकलियाँ रे

गुलाब कलियाँ बम बाज रही।

बम बाज…।

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Categories: Shiv bhajan

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