
पिओ पिओ रे पीने वालों तुम राम नाम रस पिया करो।
जियो जियो रे जीने वालों तुम हरी के सहारे जिया करो।
प्रेम दिवानी मीरा देखो पी गई जहर का प्याला।
बाल बाकां ना हो सका कोई चढ गया रंग निराला।
पियो पियो…।
प्रेम दिवानी शबरी देखो चुन चुन लाई बेर।
कुटिया अन्दर राम पधारे खा गए झुठे बेर।
पियो पियो…।
फटे पुराने कपड़े पहनके आया यार सुदामा।
एक नजर मोहन ने डाली हो गए पुर्ण कामा।
पियो पियो…।
लाखों पापी तारे तुमने आई हमारी बारी।
शरण पड़े की लाज रखियो सावरियाँ गिरधारी।
पियो पियो…
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