
भजन के बारे में
आभार का हनुमान भजन — भक्त कहती है कि पहले मैं सोचती थी मुझ जैसा दुखी और निर्धन कोई नहीं, पर लाल लंगोटे वाले बाबा की शरण में आते ही सुख, धन और संतान का सुख मिला; बाबा ने मेरे सब कसूर माफ़ कर दिए।
कब गाया जाता है: मंगलवार-शनिवार, सवामणी और हनुमान जयंती पर।
मुखड़ा (Hinglish): Itni badi khushi de di ho Baba, dekha nahi kasoor mera, Laal Langote waala ho Baba kar diya maaf kasoor mera.
भजन के बोल
इतनी बडी खुशी दे दी हो बाबा देखा
नहीं कसुर मेरा लाल लंगोटे वाला हो
बाबा कर दिया माफ कसुर मेरा।
पहला तो मै न्यु जानै थी मेरे जैसी दुखी नहीं।
जब तै तेरी शरण मै आई हो मेरे जैसी
सुखी नहीं लाल लंगोटे वाला हो बाबा कर
दिया माफ कसुर मेरा।
इतनी बडी…।
पहला तो मै न्यु जानै थी मेरे जैसी निर्धन नहीं।
जब तै तेरी शरण मै आई हो मेरे जैसी
धनी नहीं लाल लंगोटे वाला हो बाबा कर
दिया माफ कसुर मेरा।
इतनी बडी…।
पहला तो मै न्यु जानै थी मेरे जैसी बांझ नहीं।
दो-दो फूल खिला मेरे अंगना हो मेरे जैसी
माँए नहीं लाल लंगोटे वाला हो बाबा कर
दिया माफ कसुर मेरा।
इतनी बडी…।
सालासर और मेंहदीपुर मै बाबा तेरा धाम बना।
अखण्ड ज्योत कै दर्शन करके हो भवसागर
तै कार हुआ लाल लंगोटे वाला हो बाबा कर
दिया माफ कसुर मेरा।
इतनी बड…।
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