इस बजंरगी के प्यार मे कदे पागल ना हो जाऊँ।

कदे पागल ना हो जाऊँ कदे पागल ना हो जाऊँ।

इस बजंरगी…।

इसके सिर पे मुकुट विराजे।

इसके कानों मे कुण्डल साजै।

इसके मुकुट नै देख के कदे पागल ना हो जाऊँ।

इस बजंरगी…।

इसके गले मै माला विराजे।

इसके हाथ मे गदा विराजे।

इसकी माला नै देख के कदे पागल ना हो जाऊँ।

इस बजंरगी…।

इसके पैरों मे पायल साजै।

इसके अंग मे चोला विराजे।

इसकी पायल नै देख के कदे पागल ना हो जाऊँ।

इस बजंरगी…।

इसके ह्रदय मे राम विराजे।

इसके संग मे भगत विराजे।

इसकी छवि नै देख के कदे पागल ना हो जाऊँ।

इस बजंरगी…।


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *