khatu shyam

सच्चे सावरियाँ के रंग मै रंगा लो चुन्दड़ी।

हे रंगा लो चुन्दड़ी हे रंगा लो चुन्दड़ी।

सच्चे सावरियाँ…।

पहले पल्ले पै गणेश जिनके पिता है महेश।

जिनकी पूजा बनै हमेश रंगा लो चुन्दड़ी।

सच्चे सावरियाँ…।

दुजा पल्ला पै देबी माई जिनकी दुनिया करै कढ़ाई।

वा तो कर दे मन कि चाही हे रंगा लो चुन्दड़ी।

सच्चे सावरियाँ…।

तीजे पल्ले पै हनुमान वो तो भगतो पे कुर्बान।

वो तो कर दे मालामाल रंगा लो चुन्दड़ी।

सच्चे सावरियाँ…।

चौथे पल्ले पै भोलेनाथ म्हारे सिर पै धर दे हाथ।

वो तो गंगा मै नुहावै हे रंगा लो चुन्दड़ी।

सच्चे सावरियाँ…।

बीच बिचालै बाबो श्याम उसनै दुनिया करै सलाम।

वो तो हारा नै जीतावै हे रंगा लो चुन्दड़ी।

सच्चे सावरियाँ…।


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