
यो भेद किसी ने ना पाया भगवान तेरी माया का।
कितै ऊचे नीचे टीले।
कितै खिल रहे फूल रंगीले।
कितै राजस्थान बनाया भगवान तेरी माया का।
यो भेद…।
कही नदी भहवै कही नाले।
कही भहवै समुंद्र भिरी।
कही घुट नीर ना पाया भगवान तेरी माया का।
यो भेद…।
या फुवड़ जन-जन हारी।
या तरसै चयातर नारी।
कोए मुख देखैन ना पाया भगवान तेरी माया का।
यो भेद…।
कोई ओढ़े शाल दुशाला।
कोए ओढे कम्बल काला।
कोई तन ढकन ना पाया भगवान तेरी माया का।
यो भेद…।
कोई जीमे सतपकवानी।
कोई पीवै दाल का पानी।
कोई पेट भरन ना पाया भगवान तेरी माया का।
यो भेद…।
कोई सोवै महल अटारी।
कोई सोवै जंगल झुपड़िया।
कोई पग धरने ना पाया भगवान तेरी माया का।
यो भेद…।
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