बेवफा से दिल लगाकर रात भर रोते रहे।
एक तो गर्मी का महिना दुसरा पंखा नहीं।
तीसरा जमके पसीना रात भर रोते रहे।
बेवफा…।
एक तो बारिश का महिना दुसरा छाता नहीं।
तीसरा बरसे बदलिया रात भर रोते रहे।
बेवफा…।
एक तो सर्दी का महिना दुसरा कम्बल नहीं।
तीसरा मेरा पिया परदेशी रात भर रोते रहे।
बेवफा…।
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