मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे राम आएंगे।

राम आएंगे-आएंगे राम आएंगे।मेरी झोपड़ी…।

मै पल-पल राह निहारु।अपने प्रभु के दर्शन पाऊँ।

मेरी झोपड़ी…।

मै चंदन चौकी लगाऊंगी।राम नाम का आसन बिछाऊंगी।

अपने प्रभु को उस पे बैठाऊंगी।

मेरी झोपड़ी…।

मै खट्टे-मिठे बेर चुन लाऊंगी।अपने प्रभु को चख के खिलाऊंगी।

मेरी झोपड़ी…।

अपने प्रभु के चरणों मे बैठ के।अपने दुखड़े सारे सुनाऊंगी।

मेरी झोपड़ी…।

अपने प्रभु के सन्मुख बैठ के।अपने अवगुण माफ कराऊंगी।

मै तो भवसागर तैर जाऊंगी।

मेरी झोपड़ी…।

Categories: Ram bhajan

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