
हर शिव जी की मै आरती करुंगी।
गंगा,जमना और त्रिवेणी।
इन तीनों का मै नहान करुंगी।
हर शिव जी…।
मात-पिता और गुरु अपने की ।
इन तीनों की आज्ञा मै रहुंगी।
हर शिव जी…।
सासं,ससुर और पति अपने की।
इन तीनों की सेवा करुंगी।
हर शिव जी…।
बहान,भायली और भानजी।
इन तीनो का मै मिलन करुंगी।
हर शिव जी …।
तुलसा,बिड़ला और केवड़ा ।
इन तीनों को मै जल से भरुंगी।
हर शिव जी…।
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