जय श्री बालाजी महाराज हम आए शरण तुम्हारी।

हम बहुत दूर से आए संकट ने घने सताए।बाबा तुम हि रखियो लाज हम आए शरण तुम्हारी।

जय श्री…।

हम दुखिया फिरा जन्म के थारे चरण मिले सै कर्म से।दुखियों कि सुनो आवाज हम आए शरण तुम्हारी।

जय श्री…।

मेरी दुविधा दूर हटाओ मेरे संकट दूर भगाओ।बाबा मेरे संकट काटो आज हम आए शरण तुम्हारी।

जय श्री…।

जो आए तेरे द्वारे तुने लाखो पापी तारे।बाबा मेरे आण सवारों काज हम आए शरण तुम्हारी।

जय श्री…।

जब सीताराम पुकारें तैने दुष्ट पकड़ के मारे।बाबा मेरे हो सरताज हम आए शरण तुम्हारी।

जय श्री…।


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