
भजन के बारे में
बजरंग बली के झंडे की महिमा का भजन — जब-जब झंडा हनुमान जी के हाथ में आया, उन्होंने सीता माता का पता लगाया, सोने की लंका जलाई, सेतु बनाया, संजीवनी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाए और विभीषण को राज दिलाया।
कब गाया जाता है: मंगलवार-शनिवार, हनुमान जयंती और रामनवमी पर।
मुखड़ा (Hinglish): Lahar lahar lahraaye re jhanda Bajrang Bali ka.
भजन के बोल
लहर-लहर लहराये रे झंडा बजरंग बली का।
जब-जब झंडा प्रभु हाथो मे आया।सीता का पता लगाया रे झंडा बजरंग बली का।
लहर-लहर…।
जब-जब झंडा प्रभु हाथो मे आया।सोने कि लंका जलाई रे झंडा बजरंग बली का।
लहर-लहर…।
जब-जब झंडा प्रभु हाथो मे आया।सागर पे सेतु बनाया रे झंडा
बजरंग बली का।
लहर-लहर…।
जब-जब झंडा प्रभु हाथो मे आया।संजीवनी ले आया रे झंडा
बजरंग बली का।
लहर-लहर…।
जब-जब झंडा प्रभु हाथो मे आया।लक्ष्मण के प्राण बचाए रे झंडा
बजरंग बली का।
लहर-लहर…।
जब-जब झंडा प्रभु हाथो मे आया।विभिषण को राज दिलाया रे झंडा बजरंग बली का।
लहर-लहर…।
जब-जब झंडा प्रभु हाथो मे आया।सीता राम मिलाया रे झंडा
बजरंग बली का।
लहर-लहर…।
0 Comments