तैनै मोर मुकुट कित छोडा हो कृष्ण कर ले ना याद।

कुरुक्षेत्र नाहन गया था हे रुकमण पांडवा के साथ।

पांडवा का पिंड भराया हे रुकमण अर्जुन के साथ।

वहा भी मोर मुकुट था हे रुकमण सै मेरै याद।

तैनै मोर मुकुट कित💐💐💐💐💐💐।

द्रौपदी के देश गया था हे रुकमण खड़ी थी उदास।

उसका भी चीर बढाया हे रुकमण राखया था मान।

वहा भी मोर मुकुट था हे रुकमण सै मेरै याद।

तैनै मोर मुकुट कित💐💐💐💐💐💐।

मीरा के देश गया था हे रुकमण खड़ी थी उदास।

राणा का घमंड तोड़ के हे रुकमण कर दिया भंग।

वहा भी मोर मुकुट था हे रुकमण सै मेरै याद।

तैनै मोर मुकुट कित💐💐💐💐💐💐।

 हरनन्दी के देश गया था हे रुकमण खड़ी थी उदास।

उसका भी भात भरा था हे रुकमण राखया था मान।

पटड़े पै मोर मुकुट था हे रुकमण सै मेरै याद।

तैनै मोर 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

बरसाने खेलन गया था हे रुकमण राधा के पास।

गोपिया ने लकोया होगा हे रुकमण करके मजाक।

तैनै मोर 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

एक पाच पांडवा की नार द्रौपदी खड़ी थी उदास।

उसका चीर बढावन लागा रै रुकमण आई ना याद।

सभा मै धर के भूल ग्या हे रुकमण आया ना याद।

तैनै मोर💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

एक धन्ना और जाटनी हो रुकमण खड़े थे उदास।

उसका खेत बुवावन लागा हे रुकमण आया ना याद।

डोले पै धर के भूल ग्या हे रुकमण आया ना याद।

तैनै मोर 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

राधा कै देश गया था हे रुकमण खड़ी थी उदास।

सालिया नै मुकुट लकोया हे रुकमण आया सै याद।

तैनै मोर💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐।


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