Mata bhajan
धीरे धीरे अखियाँ माँ खोल रही है।
धीरे धीरे अखियाँ माँ खोल रही है। लगता है मैया कुछ बोल रही है। दुनिया के नजारे तो बेजान लगते। सुरज चंदा कोडी के समान लगते। आत्मा मे अमृत घोल रही है। लगता है मैया कुछ बोल रही है। धीरे धीरे अखियाँ💐💐💐💐। आएगी जरुर मैया आज सामने। अपने भगतो का Read more…







