krishan bhajan
मेरी लगी श्याम संग प्रीत
मेरी लगी श्याम संग प्रीत की दुनिया क्या जाने ।मुझे मिल गया मन का मीत ।।……….. छवि लखि मैंने श्याम की जब से। भई बावरी मै तो तब से।। नाता तोड़ा मैंने जग से। ये कैसी पागल प्रीत ।। मोहन की सुन्दर सुरतिया। मन मे बस गई मोहनी मुरतीया।। लोग Read more…


