krishan bhajan
खींचे खींचे रे दुशासन मेरो चीर अरज सुनो गिरधारी।
खींचे खींचे रे दुशासन मेरो चीर अरज सुनो गिरधारी। हस्तिनापुर में जाकर देखो महफिल हो गई भारी। कौरव पांडव सभा में बैठे खड़ी द्रोपती नारी।। उनके नैनों से बरस नीर अर्ज सुनो गिरधारी।। खींचे Read more…








