
सावँरे से मिलने का सतसंग ही बहाना है।
जबसे तेरी लगन लगी दिल हो गया दिवाना है।
मीरा पुकार रही आओ मेरे बनवारी।
जहर के प्याले को तुने अमृत बनाना है।
सावँरे से💐💐💐💐💐💐💐।
द्रोपदी पुकार रही आओ मेरे बनवारी।
सभा मे आकर के मेरी लाज बचाना है।
सावँरे से💐💐💐💐💐💐💐।
सबरी पुकार रही आओ मेरे बनवारी।
खट्टे मिठ्ठे बेरो का तुम्हें भोग लगाना है।
सावँरे से💐💐💐💐💐💐💐।
गोपियाँ पुकार रही आओ मेरे बनवारी।
रास रचाकर के आनन्द लुटाना है।
सावँरे से💐💐💐💐💐💐💐।
भक्त पुकार रहे आओ मेरे बनवारी।
दर्श दिखा जाना ये अखियाँ तरसती है।
सावँरे से💐💐💐💐💐💐💐।
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