
मेरी असुवन मेरी असुवन भीगे साड़ी
आ जाओ कृष्ण मुरारी।
आ जाओ कृष्ण मुरारी आ जाओ कृष्ण मुरारी।
मेरी असुवन💐💐💐💐💐💐💐💐।
क्या भुल गए बनवारी जब उगंली कटी तुम्हारी।
मैंने फाड़ी मैने फाड़ी रेशम साड़ी
आ जाओ कृष्ण मुरारी।
मेरी असुवन💐💐💐💐💐💐💐💐।
क्या भुल गए बनवारी एक हुआ स्वयंवर भारी।
मै बन गई मै बन गई पांडव नारी
आ जाओ कृष्ण मुरारी।
मेरी असुवन💐💐💐💐💐💐💐💐।
क्या भुल गए बनवारी मेरे पाच पति बलधारी।
मै तो गई जुए मै हारी आ जाओ कृष्ण मुरारी।
मेरी असुवन💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐।
क्या भुल गए बनवारी यहां बैठे द्रोणाचार्य।
अब जा रही लाज हमारी आ जाओ कृष्ण मुरारी।
मेरी असुवन💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐।
क्या भुल गए बनवारी मै आई शरण तुम्हारी।
अब आकर अब आकर लाज बचाओ
आ जाओ कृष्ण मुरारी।
मेरी असुवन💐💐💐💐💐💐💐💐💐।
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