
चुप-चुप खड़े हो जरूर कोई बात है,
आज हरियाली बन्नी काहे को उदास है
दादाजी की बातों पर गुस्सा हमको आता है,
ताऊजी की बातों पर गुस्सा हमको आता है,
काला-काला बन्ना हमारे लिए ढूंढ़ा है।
फोटो मंगा दूं, वो तो चाँद जैसा है,
डिगरी मंगा दूं, वो तो एम.ए. पास है।
चुप-चुप खड़े हो जरूर कोई बात है।
(जामीजी, चाचाजी, फुफाजी,
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