क्षमा करो अपराध शरण

क्षमा करो अपराध, शरण माँ आया हूँ माता वैष्णो द्वार मै शीश झुकायाँ हूँ देवों के सब संकट तारे रक्त बीज मधु केट्भ मारे शुम्भ निशुम्भ असुर संघारे किया भगत कल्याण, शरण माँ आया हूँ बालकपन खेलों में गवायाँ योवन विषयों में भरमाया बुढापन कुछ काम न आया जीवन सफल Read more…