Mata bhajan
मैया हे तेरा टीका धरा भवन मे।
मैया हे तेरा टीका धरा भवन मे। रात कहाँ गई थी शेर पे चढ़ के। बेटी हे मेरा भगता नै करा जगराता। रात वहाँ गई थी शेर पे चढ़ के। मैया हे मैंने पहले टोही भवन मे। फेर रुक्का मारा पहाड़ पे चढ़ के। मैया हे तेरे झाले धरे भवन Read more…






