
आओ आओ लगाओ भोग नन्द के लाला जी।
सरसों का साग बाजरे की रोटी।
मक्खन गैल मिर्च मोटी मोटी।
इसा बैठ गया जोड़ नन्द के लाला जी।
आओ आओ लगाओ💐💐💐💐💐💐।
मोर मुकुट मुख बंशी वाले।
चुपके चुपके भोग लगाओ।
तीन लोक के नाथ नन्द के लाला जी।
आओ आओ लगाओ💐💐💐💐💐💐।
जन्तर ना जानु मै तो मन्त्र ना जानु।
मै तो सब कुछ तुमको जानु।
हंसी करेंगे लोग नन्द के लाला जी।
आओ आओ लगाओ💐💐💐💐💐💐।
कृष्ण लाल वैद हितकारी।
काटो चौरासी के रोग नन्द के लाला जी।
आओ आओ लगाओ💐💐💐💐💐💐।
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