गुरु जी मेरा चंचल मनवा डोले।

लाख लगाऊ  हरी चरनन मे-2

इत उत भागा डोले 

गुरु जी मेरा💐💐💐💐💐।

इस मन को प्रभु आप सम्भालो ।

राम नाम की आदत डालो।

अब मेरे बसकी बात नहीं है-2।

इसमे चाबुक लगाओ होले होले

गुरु जी मेरा💐💐💐💐💐।

जन्म जन्म से भटक रही हू।

आवागमन मे पड़ी हुई हूँ।

अबकी बार प्रभु बाह पकड़ लो-2।

दरदर भागा डोले

गुरु जी मेरा💐💐💐💐💐।

अब तो एक नजरिया डालो।

कृपा दृष्टि की महेरिया डालो।

डगमग होए गई जीवन नैया-2।

खाए रही हिचकोला

गुरु जी मेरा💐💐💐💐💐।

आप ही मेरे मात पिता हो।

आप हि मेरे बंधु सखा हो।

मै हूँ आपकी आप हो मेरे-2।

भावों के बंधन खोलो

गुरु जी मेरा💐💐💐💐💐।


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