भजन के बारे में

पंजाबी अंदाज़ का हाजरी भजन — जो ताली बजाए, भजन सुनाए, चरण धुलाए, तिलक लगाए, भोग लगाए और ज्योत जगाए, उसकी माता के दरबार में हाजरी लगती है।

कब गाया जाता है: माता की चौकी और जागरण में, नाचते-गाते कीर्तन के बीच।

मुखड़ा (Hinglish): Jeda taaliyan bajaaye odi lage haajri, jeda bhajan sunaave odi lage haajri.

भजन के बोल

जेड़ा तालियां बजाए ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा भजन सुनावे ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा दर ते आवे ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा तालियां…।

हाथ मेरे मे गंगाजल पानी।

जेड़ा चरण धुलावे ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा तालियां…।जेड़ा भजन…।

जेड़ा भजन ये गावे ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा नच के दिखावे ओदी लगे हाजरी।

हाथ मेरे विच केसर रोली।

जेड़ा तिलक लगावे ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा तालियां…।जेड़ा ढोलक बजावे…।

हाथ मेरे मै फूला वाली माला।

जेड़ा हार पहनावे ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा तालियां…।जेड़ा दर…।

हाथ मेरे मे किशमिश मेवा।

जेड़ा भोग लगावे ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा तालियां…।

जेड़ा ज्योत जगावे ओदी लगे हाजरी।

हाथ मेरे मे लहंगा चुनरी ।

जेड़ा चुनरी ऊढावे ओदी लगे हाजरी।

जेड़ा तालियां…।

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